Note sull'episodio
"भगवान भाव के भूखे होते हैं, ज्ञान के नहीं।"आज की इस वीडियो में हम सुनेंगे एक अद्भुत और प्रेरणादायक कहानी—'गुरु गुड़ रहा, चेला चीनी हो गया'। यह कहानी है दक्षिण भारत के एक श्रीकृष्ण मंदिर के महंत धर्मदासजी और उनके भोले-भाले शिष्य गरीबदास की।जब एक अनपढ़ और सीधा-साधा बालक अपनी मासूमियत से साक्षात् भगवान श्रीकृष्ण को प्रकट होने पर मजबूर कर देता है, तो देखने वाले दंग रह जाते हैं। क्या होता है जब गरीबदास भगवान को "चोर" कहता है और उन्हें रूखी रोटी खिलाने के लिए डांटता है? और क्यों एक विद्वान गुरु को अंत में अपने ही शिष्य के चरणों में गिरना पड़ा?इस वीडियो में आप देखेंगे:कैसे गरीबदास की निश्छल भक्ति ने शालिग्राम से साक्षात् कान्हा को बाहर बुला लिया।एकादशी के वो चमत्कार जब भगवान अपनी रानियों और मित्रों के साथ रोटी खाने आए।भक्ति और अहंकार के बीच का वो अंतर जिसने सदियों पुरानी कहावत "गुरु गुड़ रहा, चेला चीनी हो गया" को जन्म दिया।यह कहानी हमें सिखाती है कि सच ...