जंगलों की आवाज़ें | Sounds Of The Forest

लिखे जो ख़त मुझे मयूर त्रिवेदी के साथ | Likhe Jo Khat Mujhe with Mayur Trivedi by Radio Azim Premji University

Episode notes

नमस्कार। हमारे रिसर्च के काम मैं एक एथ्नोग्राफी नाम की पद्धति हैं जिस मे रिसर्चर किसी एक समुदाय के लोगों के जीवन को समझने के लिए उन लोगों के बीच जाकर उन्हीं की तरह जीता हैं, और उन निजी अनुभवों से अपने निष्कर्ष निकालता है। मेरा ऐसा एक काम मुजे गीर फॉरेस्ट ले गया जहां सदियों से इंसान और उनके मवेशी Asiatic Lions के साथ शहर-गाँव से दूर जंगल की बीचोंबीच रहेते हैं। उन मालधारी समुदाय के साथ रह के मैंने ये जाना की शहर से दूर प्रकृति के साथ जीने वाले वनवासी लोग अपने जीवन के निर्णय कैसी कैसी मान्यताओं, जरूरतों, अनुभवों या मूल्यों के आधार पर लेते हैं। ‘जंगल की आवाजे’ नाम के इस एपिसोड मे सुनिए गीर नेशनल पार्क के भीतर से भिखाभाई मालधारी का एक पत्र जिसमे वो मुजे पॉपुलेशन कंट्रोल, सन परेफ़रस, और बेटी बचाओ के बारे मे अपने खयालात बता रहे हैं।

— मयूर त्रिवेदी

______

Campaigns run by the civil society and the government, which aim to address the is ... 

 ...  Read more
Keywords
Public HealthPublic Health ResearchSocial Sector ResearchPersonal JournalsGujaratLetter WritingPerspectivesRadio Azim Premji UniversityHindi PodcastPoetryGir ForestMaldhariShepherdPastoralist