'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'

por Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
Temporada 6

51. S06 - E01 ऐ दोस्त, तुझे एक पल, नज़र में उतार के😇

मैं देख लूँ एक बार फिर तूझे पुकार के😇

'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 06_ALL EPISODES

Bonus
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Temporada 5

50. S05 - E10 वक़्त रहा, और मैं रहा, तो ये होगा एक दिन🥳

हर ज़र्रा ख़ुशियों में डूबा होगा एक दिन🥳

49. S05 - E09 देना था जो सलाम, तो ऐसे दिया होता🥰

देख कर चाँद को, पर्दा किया होता 🌔

48. S05 - E08 उड़ गये परखच्चे हमारे😀

और हवा हो गए सनम🤣

47. S05 - E07 देखा जो नूर आपका, तो लगने लगा मुझे!❤️

ज़िंदगी में कोई तो समझने लगा मुझे!❤️

46. S05 - E06 हम तो रोते हैं, तुम्हें क्यों कर रूलायें🥲

क्यों तुम्हारी जुस्तजूओं को जगायें!🥲

45. S05 - E05 है अदब़ में जो मज़ा, वो सर उठाने में कहाँ!😘

है अदब़ में जो मज़ा, वो सर उठाने में कहाँ!😘

44. S05 - E04 कुछ इस तरह से जीते हैं ज़िंदगी यारों 💪

बदनसीबी की करते हैं हर पल बंदगी यारों😀

43. S05 - E03 न इस तरह ही रहा!🥹

और ना उस तरह ही रहा!🥹
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