44. S05 - E04 कुछ इस तरह से जीते ...

44. S05 - E04 कुछ इस तरह से जीते हैं ज़िंदगी यारों 💪

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐ... por Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
T5 · E4
24 dic 2022
06:36

Notas del episodio

बदनसीबी की करते हैं हर पल बंदगी यारों😀

Palabras clave

कुछ इस तरह से जीते हैं ज़िंदगी यारों
बदनसीबी की करते हैं हर पल बंदगी यारों