45. S05 - E05 है अदब़ में जो मज़ा...

45. S05 - E05 है अदब़ में जो मज़ा, वो सर उठाने में कहाँ!😘

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐ... por Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
T5 · E5
16 ene 2023
08:18

Notas del episodio

है अदब़ में जो मज़ा, वो सर उठाने में कहाँ!😘

Palabras clave

है अदब़ में जो मज़ा वो सर उठाने में कहाँ