50. S05 - E10 वक़्त रहा, और मैं र...

50. S05 - E10 वक़्त रहा, और मैं रहा, तो ये होगा एक दिन🥳

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐ... por Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
T5 · E10
4 feb 2023
09:58

Notas del episodio

हर ज़र्रा ख़ुशियों में डूबा होगा एक दिन🥳

Palabras clave

वक़्त रहा और मैं रहा तो ये होगा एक दिन
हर ज़र्रा ख़ुशियों में डूबा होगा एक दिन