Notas del episodio
श्री चैतन्य महाप्रभु के बचपन की लीलाएँ न केवल अद्भुत हैं, बल्कि वे भक्तों के हृदय में गहरे प्रेम और श्रद्धा का संचार करती हैं। आदि लीला के चौदहवें अध्याय और चैतन्य भगवतम के छठे और सातवें अध्याय में महाप्रभु के बाल्यकाल की कुछ और मधुर लीलाओं का वर्णन किया गया है। ये लीलाएँ उनके दिव्य रूप और भगवान के साथ उनके प्रेमपूर्ण संबंध को दर्शाती हैं।