
Episode notes
इ्न्हें पाल-पोस के बड़ा करना कोई मज़ाक की बात नहीं थी; अपने डैडी, मम्मी, भाईयों और बहनों से छुपते-छुपाते लिखी गईं थीं ये डाएरियॉं!🥰
-मेरी हर किताब का मसला एक है,
आख़िर में लिखा मिलेगा, खुदा एक है!
-ग़म नहीं मुझे, मिले हर दौर में सज़ा,
जानता हूं मैं कि मेरा काम नेक है!
-मेरी हर किताब का मसला एक है,
आख़िर में लिखा मिलेगा, खुदा एक है!
-सोचता रहा हमेशा, कभी तो वक्त आएगा,
और कहेगा, कि लिजिये, हालात पेश है!
-मेरी हर किताब का मसला एक है,
आख़िर में लिखा मिलेगा, खुदा एक है!
-सिसकिओं से भर लिया कूचा-ए-दिल तमाम,
समझे वो कि दीवानों की, यही एक जेब है!
-मेरी हर किताब का मसला एक है,
आख़िर में लिखा मिलेगा, खुदा एक है!
-हम फ़ना होते ही समझे जिंदगी है क्या,
हर समंदर के तले होती रेत है!
-मेरी हर किताब का मसला एक है,
आख़िर में लिखा मिलेगा, खुदा एक है!
-मैं क्यूँ डरता हूं जमाने से, समझ में आ गया,
मैं अकेला हूं खड़ा, पर वो एक है!
-मेरी हर किताब का मसला एक है,
आख़िर में लिखा मिलेगा, खुदा एक है!
