ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 7 - धर्म की स्थापना और अधर्म का नाश
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... by Mohit Sharma
S4 · E6
Oct 27, 2024
10:12
Episode notes

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉आज के श्लोक 7 में श्रीकृष्ण कहते हैं:यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥इसका अर्थ है:'हे भारत, जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब मैं स्वयं को प्रकट करता हूँ।'इस श्लोक में श्रीकृष्ण धर्म की स्थापना के लिए अपने अवतार के समय और कारण का वर्णन करते हैं। जब भी इस संसार में अधर्म बढ़ता है और धर्म संकट में पड़ता है, तब वे स्वयं इ ... 

Keywords
#bhagwadgeeta
#shrikrishnaarjunsamvaad
#BhagavadGita #SpiritualKnowledge #SelfRealization #shreenathji #jaishrimahakal #sawariyaseth #trinetraganeshji #BhagavadGita #SpiritualKnowledge #shrikrishna-arjunasamvad #krishnaarjunsamvad #arjunsamvad #shrimadbhagwadgeeta #shrikrishnaarjunasamva