'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'

di Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
Stagione 3

24. S03 - E04 ग़में द़िल्लगी का स़फर, नूरां न रहा😔

मैं तेरे बिना कभी, पुरा न रहा😘

23. S03 - E03 जब से हमने छोड़ दी, तेरी तमन्ना ऐ सनम💖

तब से मेरी ज़िन्दगी को मुस्कुराना आ गया😊

22. S03 - E02 कहता हुं मैं, न उतार तु, अपनी अस्मत ख़ुद-ब-ख़ुद!🔮

मुझे इस अफ़साने से, उठानी पड़े शर्मिन्दगी!🥺

21. S03 - E01 ना क़सूर उस शहर का था, न ख़ता मेरे कदम की थी!🌹

मेरे एक मित्र के मोहब्बत की दास्तॉं!💕

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Stagione 2

20. S02 - E10 तुम मेरी ज़िन्दगी में शऱीक हो जाओ!🙏

कभी आपने किसी शय से ख़ुद से भी ज्यादा मोहब्बत की है दोस्तों?♥️

19. S02 - E09 इक दोस्त की वज़ह से, कई दोस्त मुझसे हैरां!😲

वे कौन से दोस्त थे, और वो कौन सा दोस्त था!🤔

18. S02 - E08 ऐ दोस्त तुझसे बेख़बर कोई नहीं इस मुल्क में!👍

हम अक्सर ऊपर देख कर बातें करतें हैं!☝️

17. S02 - E07 मेरी ज़िन्दगी आ पहुंची है अब, उस मुकाम पर!😳

ये हमारे आस-पास कुछ लोग होते हैं, कि जिन्हें दुनिया की कोई भी क़ायनात खुश नहीं रख पाती!😳
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