21. S03 - E01 ना क़सूर उस शहर का ...

21. S03 - E01 ना क़सूर उस शहर का था, न ख़ता मेरे कदम की थी!🌹

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐ... di Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
S3 · E1
3 lug 2022
07:31

Note sull'episodio

मेरे एक मित्र के मोहब्बत की दास्तॉं!💕

Parole chiave

ना क़सूर उस शहर का था न ख़ता मेरे कदम की थी मेरे दुश्मन का घर उसी में था जो गली मेरे हमदम की थी