
Note sull'episodio
जब मैं उनको निकालने गया, तो एक शेल्फ में सारी की सारी आराम से सो रहीं थीं; दराज़ के खुलने की आवाज़ सुनते ही, दो तीन डायरियों ने तो करवट बदल के मुझे देखा और मुस्कुराईं!😊
-आ पास आ, न दूर जा, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
न तोड़ कर, न फोड़ कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
मेरे भी अंदर आग है, मेरा लहू भी लाल है,
न रंग कर, न भंग कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ!
-मुझको भी हंसी आती है, जब देखता हूँ आईना,
न चेहरा बना, न चेहरा छुपा, कि मैं भी तेरे जैसा हूं!
-आ पास आ, न दूर जा, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
न तोड़ कर, न फोड़ कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
मेरे भी अंदर आग है, मेरा लहू भी लाल है,
न रंग कर, न भंग कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ!
-इस रंगदारी में कई, कितने हुनर सीखे नहीं,
इंसान हूं, मौला नहीं, कि मैं भी तेरे जैसा हूं!
-आ पास आ, न दूर जा, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
न तोड़ कर, न फोड़ कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
मेरे भी अंदर आग है, मेरा लहू भी लाल है,
न रंग कर, न भंग कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ!
-कई शामें मैंने काटीं हैं, अपने उन जज़्बातों के साथ,
फ़क्र हुआ ये जान के, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ!
-आ पास आ, न दूर जा, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
न तोड़ कर, न फोड़ कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
मेरे भी अंदर आग है, मेरा लहू भी लाल है,
न रंग कर, न भंग कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ!
-हासिल नहीं, तो दर-ब-दर, जाता रहा मैं हर गज़र,
हासिल नहीं, मुमकिन नहीं, कि मैं भी तेरे जैसा हूं!
-आ पास आ, न दूर जा, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
न तोड़ कर, न फोड़ कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
मेरे भी अंदर आग है, मेरा लहू भी लाल है,
न रंग कर, न भंग कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ!
-'ऐ दर्द' उठते बैठते, कोई गिला तो कर जिंदगी से,
बंद कर दे वर्ना ये कहना, कि मैं भी तेरे जैसा हूं!
-आ पास आ, न दूर जा, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
न तोड़ कर, न फोड़ कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ,
मेरे भी अंदर आग है, मेरा लहू भी लाल है,
न रंग कर, न भंग कर, कि मैं भी तेरे जैसा हूँ!
