अनकही आवाज़ें | Unspoken Voices
लिखे जो ख़त मुझे मयूर त्रिवेदी के साथ | Likhe Jo Khat Mujhe... di Radio Azim Premji University
Note sull'episodio
प्रोफेसर होने के नाते अक्सर युवा, विशेष रूप से '20’s' के लोगों से मेरी गहरी बातचीत होती रहती है। ज्यादातर बच्चे पास में ही चले जाते हैं, कुछ लंबे अरस तक टच में रहते हैं और समय-समय पर जिंदगी के सबक भी शेयर करते हैं। इन एक्स बच्चों की बातें मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं क्योंकि इनमे मार्क्स, असाइनमेंट और पाठ्यक्रम से ऊपर जीवन की सच्चाई सबसे ज्यादा होती हैं।
ऐसी ही एक खास 'लास्ट बेंचर' से आज मुझे एक कहानी मिलती है। दस साल पहले जब वो मेरी दुकान थी तब सब्जेक्ट्स में रुचि नहीं थी। हा, मगर हमारे बीच बातें बहुत होती रहती थीं। आज वो बता रहे हैं पढ़ाई के समय किताबी लीज वाले उन कॉन्सेप्ट्स ने कैसे अपनी खुद की जिंदगी में मायने पाए।
'अनकही आवाजें' में सुनिए शादी और परिवार को लेकर एक युवा, स्वतंत्र, जिम्मेदार महिला की ये कहानी, वही की प्यारी।
- मयूर त्रिवेदी
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In this deeply personal episode of Likhe Jo Khat Mujhe with Mayur T ...