'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'

by Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
Season 4

33. S04 - E03 कहते हो कि नादॉं हो, समझ जाओगे एक दिन🥺

लगता है मुझे छोड़ के जाओगे एक दिन✈️

32. S04 - E02 बदल कर लिब़ास उसने, सबका रखा ख़्याल💕

क्या फिक्र कौन जल गया, कौन हुआ हल़ाल🔥

31. S04 - E01 जितना मस़रूफ हुं मैं⏰

उतनी फुर्स़त भी है😎

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Bonus
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Season 3

30. S03 - E10 मेरी आवारगी का वक्त बच गया🤓

तू जो मुझे पहले ही मिल गया♥️

29. S03 - E09 जब से तेरे आने की ख़बर मिली है मुझको💖

वो तेरी मर्ज़ी पे ठहरी!☹️

28. S03 - E08 ल़ुत्फ है गर ख़ामोशी में😊

युं तो मैं बेब़ाक हुं😊

27. S03 - E07 ठंडी सड़कों पर खड़े😔

ढ़ुंढ़ते हैं गर्मजोशी💔

26. S03 - E06 क्युं हर घड़ी तेरा रास्ता🌹

तेरा वास्ता है हर घड़ी!🌻

25. S03 - E05 इक खलिश सी आंखों में उठती है, मिट जाती है💖

न जाने तू कब आंखों में आती है😘
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