'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'

by Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
Season 7

61. S07 - E01 मेरी ज़ान की नहीं🤗

तेरी ज़ान की फ़िकर है🤗
Season 6

60. S06 - E10 हमसे पूछते हैं वो कि उनका ज़ुर्म क्या है😳

क़त्ल किया है मेरा

59. S06 - E09 हुनर मुझमें कोई ना था😢

और ना कुछ ख़ास था😢

58. S06 - E08 हाशिये पर ज़िंदगी लेकर चलें हैं🥹

होश में हैं, हम कोई पागल नहीं हैं😊

57. S06 - E07 कभी ज़लज़ला सी लगे😘

कभी लगे तू चाँद सी😘

56. S06 - E06 लम्हा भर को ठहर गई हो😍

सारी रात जैसे😍

55. S06 - E05 स्याह ज़िंदगी है😌

तालीम है बिन स्याही की😌

54. S06 - E04 सजा कर ख़्वाब आँखों में🥰

ना मुझको भुला देना🥰

53. S06 - E03 जन्नत है कि हर शय😍

आज बदल चुकी है😍

52. S06 - E02 ये कैसी ख़लिश है😕

कि मिटती ही नहीं😕
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