ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 32 - ज्ञान का अनादर और उसका परिणाम

गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... di Mohit Sharma

Note sull'episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉श्लोक 32 में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं:ये त्वेतदभ्यसूयन्तो नानुतिष्ठन्ति मे मतम्।सर्वज्ञानविमूढांस्तान्विद्धि नष्टानचेतसः॥इसका अर्थ है कि 'जो लोग मेरे इस मत का अनादर करते हैं और इसका पालन नहीं करते, वे सभी ज्ञान से भ्रमित होकर विनाश की ओर जाते हैं।'श्रीकृष्ण यहां हमें चेतावनी देते हैं कि जो लोग उनके द्वारा दिए गए उपदेशों को नहीं मानते और ईर्ष्या के कारण इसे अस्वीकार करते हैं, वे अपन ... 

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