ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 31 | कर्मफल का त्याग | जानें कैसे कर्म करते हुए भी मुक्त रहें
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... di Mohit Sharma
S3 · E27
10 ott 2024
17:15
Note sull'episodio

Today's Video Link -https://youtu.be/LjYG3SlT7tIक्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा। 🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें। 🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए। 👉श्लोक 31 में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं: ये मे मतमिदं नित्यमनुतिष्ठन्ति मानवाः। श्रद्धावन्तोऽनसूयन्तो मुच्यन्ते तेऽपि कर्मभिः॥ इसका अर्थ है कि 'जो लोग मेरे इस मत का अनुसरण करते हैं, जो विश्वास रखते हैं और ईर्ष्या नहीं करते, वे भी कर्मों के बंधन से  ... 

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