

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'
Temporada 3

24. S03 - E04 ग़में द़िल्लगी का स़फर, नूरां न रहा😔

23. S03 - E03 जब से हमने छोड़ दी, तेरी तमन्ना ऐ सनम💖

22. S03 - E02 कहता हुं मैं, न उतार तु, अपनी अस्मत ख़ुद-ब-ख़ुद!🔮

21. S03 - E01 ना क़सूर उस शहर का था, न ख़ता मेरे कदम की थी!🌹

'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 03_ALL EPISODES : INTRO LINES

'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 03_ALL EPISODES
Temporada 2

20. S02 - E10 तुम मेरी ज़िन्दगी में शऱीक हो जाओ!🙏

19. S02 - E09 इक दोस्त की वज़ह से, कई दोस्त मुझसे हैरां!😲

18. S02 - E08 ऐ दोस्त तुझसे बेख़बर कोई नहीं इस मुल्क में!👍
