22. S03 - E02 कहता हुं मैं, न उता...

22. S03 - E02 कहता हुं मैं, न उतार तु, अपनी अस्मत ख़ुद-ब-ख़ुद!🔮

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐ... por Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
T3 · E2
10 jul 2022
07:57

Notas del episodio

मुझे इस अफ़साने से, उठानी पड़े शर्मिन्दगी!🥺

Palabras clave

mitra
मुझे इस अफ़साने से उठानी पड़े शर्मिन्दगी
कहता हुं मैं न उतार तु अपनी अस्मत ख़ुद ब ख़ुद