17. S02 - E07 मेरी ज़िन्दगी आ पहु...

17. S02 - E07 मेरी ज़िन्दगी आ पहुंची है अब, उस मुकाम पर!😳

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐ... por Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
T2 · E7
28 may 2022
07:01

Notas del episodio

ये हमारे आस-पास कुछ लोग होते हैं, कि जिन्हें दुनिया की कोई भी क़ायनात खुश नहीं रख पाती!😳

Palabras clave

mitra
मेरी ज़िन्दगी आ पहुंची है अब उस मुकाम पर
ये हमारे आस पास कुछ लोग होते हैं कि जिन्हें दुनिया की कोई भी क़ायनात खुश नहीं रख पाती