नवरात्रि दिवस 4 🌸 माँ कुशमांडा — कथा एवं महत्त्व | वॉइसेज़ ऑफ़ कॉन्शसनेस
द हिडन ब्लूप्रिंट | Code Devi by Satyajit Tripathi
Episode notes
🌸 नवरात्रि के चौथे दिन माँ दुर्गा के चौथे स्वरूप — माँ कुशमांडा की पूजा की जाती है।
एक हल्की सी मुस्कान से माँ कुशमांडा ने ब्रह्माण्ड (कॉस्मिक एग) की रचना की, शून्य में प्रकाश और जीवन भर दिया। वे सूर्य के हृदय में निवास करती हैं, जहाँ से वे ऊर्जा, ऊष्मा, स्वास्थ्य, समृद्धि और भावनात्मक शांति का आशीर्वाद देती हैं।
🙏 कुशमांडा हमें सिखाती हैं कि सृजन और शक्ति हमेशा गरजते नहीं — कभी-कभी वे शांत प्रकाश की तरह फैलते हैं। वे हमें प्रेरित करती हैं कि आनंद से शुरुआत करें, अपने भीतर का प्रकाश जगाएँ और शक्ति को करुणा के साथ संतुलित करें।
इस एपिसोड में जानिए:
✨ माँ कुशमांडा की कथा और उत्पत्ति ✨ नवरात्रि के चौथे दिन उनकी पूजा का कारण ✨ सूर्य की ऊर्जा के स्रोत के रूप में उनका ब्रह्माण्डीय स्वरूप ✨ ब्रह्माण्ड (कॉस्मिक एग) के आध्यात्मिक प्रतीक और उनके हृदय चक्र से संबंध ✨ सृजन में आनंद, ऊष्मा और करुणा के साथ निर्भीकता ...