: “धोखे का दाग, इंसानियत का रंग”

: “धोखे का दाग, इंसानियत का रंग”

AT CASHIER`S WINDOW counting cash collecting stories by MADHAVII ROY
S1 · E22
Mar 5, 2026
07:12

Episode notes

होली का त्योहार , बाज़ार में रंग, पिचकारियाँ, मिठाइयों की खुशबू… हर तरफ हलचल थी।

लेकिन बैंक के अंदर— रंग नहीं, सिर्फ जिम्मेदारियाँ होती हैं।

पिछले साल, होली से एक दिन पहले, मेरे काउंटर पर एक छोटा सा डिब्बा रखा गया था— घर की बनी गुजिया का।

पर वो सिर्फ मिठाई नहीं थी… वो कृतज्ञता थी। वो विश्वास था। वो एक चुपचाप कही गई “धन्यवाद” थी।

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