ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 2 - दिव्य ज्ञान की खोई हुई परंपरा
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... by Mohit Sharma
Episode notes
क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉आज के श्लोक 2 में श्रीकृष्ण कहते हैं:एवं परम्पराप्राप्तमिमं राजर्षयो विदुः।स कालेनेह महता योगो नष्टः परन्तप॥इसका अर्थ है:'इस प्रकार राजर्षियों द्वारा यह ज्ञान पीढ़ी दर पीढ़ी प्राप्त किया गया था, लेकिन समय के साथ यह योग यहाँ पृथ्वी पर लुप्त हो गया।'यह श्लोक हमें यह बताता है कि यह दिव्य योग पहले राजर्षियों द्वारा संरक्षित किया गया था। लेकिन समय के प्रभाव से, यह ज्ञान धीरे-धीरे खो गया ...