46. S05 - E06 हम तो रोते हैं, तुम...

46. S05 - E06 हम तो रोते हैं, तुम्हें क्यों कर रूलायें🥲

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐ... di Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
S5 · E6
16 gen 2023
06:58

Note sull'episodio

क्यों तुम्हारी जुस्तजूओं को जगायें!🥲

Parole chiave

क्यों तुम्हारी जुस्तजूओं को जगायें
हम तो रोते हैं तुम्हें क्यों कर रूलायें