ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 40 से 41 - मन, बुद्धि और इंद्रियों में कामना का निवास
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... di Mohit Sharma
S3 · E36
19 ott 2024
20:25
Note sull'episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉श्रीकृष्ण श्लोक 40 में कहते हैं:इन्द्रियाणि मनो बुद्धिरस्याधिष्ठानमुच्यते।एतैर्विमोहयत्येष ज्ञानमावृत्य देहिनम्॥इसका अर्थ है: 'इंद्रियां, मन और बुद्धि ही कामना के ठिकाने हैं, और इनसे यह कामना ज्ञान को ढककर व्यक्ति को भ्रमित करती है।'इस श्लोक से हमें यह समझ में आता है कि काम और क्रोध हमारे भीतर के तंत्र को कैसे प्रभावित करते हैं, जिससे सही निर्णय लेना कठिन हो जाता है।श्लोक 41 में श् ... 

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