ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 38 - कैसे काम और क्रोध हमारे विवेक को ढक देते हैं
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... di Mohit Sharma
S3 · E34
17 ott 2024
15:36
Note sull'episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉श्रीकृष्ण श्लोक 38 में कहते हैं:धूमेनाव्रियते वह्निर्यथादर्शो मलेन च।यथोल्बेनावृतो गर्भस्तथा तेनेदमावृतम्॥इसका अर्थ है: 'जैसे धुआं अग्नि को, धूल दर्पण को, और भ्रूण गर्भ को ढक लेता है, वैसे ही कामना और क्रोध ज्ञान को ढक लेते हैं।'यह श्लोक बताता है कि हमारी इच्छाएं और गुस्सा हमारे मन की स्पष्टता को छीन लेते हैं, जिससे हम सही और गलत का भेद नहीं कर पाते। हमें इनसे बचकर आत्म-संयम की ओर  ... 

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