ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 9 - श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म और कर्म का रहस्य

गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... di Mohit Sharma

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क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉आज के श्लोक 9 में श्रीकृष्ण कहते हैं:जन्म कर्म च मे दिव्यमेवं यो वेत्ति तत्त्वतः।त्यक्त्वा देहं पुनर्जन्म नैति मामेति सोऽर्जुन॥इसका अर्थ है:'जो मेरे दिव्य जन्म और कर्म के वास्तविक स्वरूप को जानता है, वह देह त्यागने के बाद पुनर्जन्म को प्राप्त नहीं होता, बल्कि मेरे पास आता है।'इस श्लोक में श्रीकृष्ण बताते हैं कि जो भी उनके दिव्य अवतार और कार्यों को समझ लेता है, वह पुनः जन्म लेने के  ... 

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