ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 29 | कर्म और अहंकार का बंधन | जानें कैसे बचें कर्म के जाल से
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... di Mohit Sharma
S3 · E25
8 ott 2024
10:09
Note sull'episodio

Today's Video Link -https://youtu.be/hgIjPkkDF1gक्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा। 🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें। 🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए। 👉श्लोक 29 में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं: प्रकृते: गुणसंमूढाः सज्जन्ते गुणकर्मसु। तानकृत्स्नविदो मन्दान् कृत्स्नविन्न विचालयेत्॥ इसका अर्थ है कि जो लोग प्रकृति के गुणों से भ्रमित होते हैं, वे गुणों के अनुसार किए गए कर्मों में लिप्त हो जाते हैं। ज्ञा ... 

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