41. S05 - E01 जब कभी तीम़ारदारी स...

41. S05 - E01 जब कभी तीम़ारदारी से मिले फ़ुरसत हमें☹️

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐ... por Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
T5 · E1
4 dic 2022
07:25

Notas del episodio

तब कहीं जाकर जियेंगे ज़िंदगी हम शान से😀

Palabras clave

जब कभी तीम़ारदारी से मिले फ़ुरसत हमें
तब कहीं जाकर जियेंगे ज़िंदगी हम शान स
तब कहीं जाकर जियेंगे ज़िंदगी हम शान से