31. S04 - E01 जितना मस़रूफ हुं मै...

31. S04 - E01 जितना मस़रूफ हुं मैं⏰

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐ... por Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
T4 · E1
17 sept 2022
05:50

Notas del episodio

उतनी फुर्स़त भी है😎

Palabras clave

जितना मस़रूफ हुं मैं
उतनी फुर्स़त भी है