25. S03 - E05 इक खलिश सी आंखों मे...

25. S03 - E05 इक खलिश सी आंखों में उठती है, मिट जाती है💖

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐ... por Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
T3 · E5
31 jul 2022
06:47

Notas del episodio

न जाने तू कब आंखों में आती है😘

Palabras clave

इक खलिश सी आंखों में उठती है मिट जाती है
न जाने तु कब आंखों में आती है