ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 4 से 5 - श्रीकृष्ण के जन्म का गूढ़ रहस्य
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... por Mohit Sharma
T4 · E4
25 oct 2024
14:24
Notas del episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉आज के श्लोक 4 और 5 में अर्जुन और श्रीकृष्ण का संवाद होता है:अर्जुन उवाच—अपरं भवतो जन्म परं जन्म विवस्वतः।कथमेतद्विजानीयां त्वमादौ प्रोक्तवानिति॥श्रीभगवानुवाच—बहूनि मे व्यतीतानि जन्मानि तव चार्जुन।तान्यहं वेद सर्वाणि न त्वं वेत्थ परन्तप॥*अर्जुन यहाँ पूछते हैं, ‘हे कृष्ण, आपका जन्म तो अभी हुआ है, और विवस्वान का जन्म तो आपसे बहुत पहले हो चुका है, तो आपने यह ज्ञान उन्हें कैसे दिया?’श्र ... 

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