ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 3 - श्रीकृष्ण का अर्जुन पर विशेष अनुग्रह
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... por Mohit Sharma
T4 · E3
24 oct 2024
23:51
Notas del episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉आज के श्लोक 3 में श्रीकृष्ण कहते हैं:स एवायं मया तेऽद्य योगः प्रोक्तः पुरातनः।भक्तोऽसि मे सखा चेति रहस्यं ह्येतदुत्तमम्॥इसका अर्थ है:'यह वही पुराना योग मैंने आज तुम्हें बताया है, क्योंकि तुम मेरे भक्त और मित्र हो; इसलिए यह अत्यंत गूढ़ रहस्य तुम्हें बताया गया है।'यह श्लोक बताता है कि अर्जुन को यह दिव्य ज्ञान इसलिए प्राप्त हुआ क्योंकि वह श्रीकृष्ण का भक्त और सखा है। इसका यह अर्थ है क ... 

Palabras clave
#bhagwadgeeta
#shrikrishnaarjunsamvaad
#BhagavadGita #SpiritualKnowledge #SelfRealization #shreenathji #jaishrimahakal #sawariyaseth #trinetraganeshji #BhagavadGita #SpiritualKnowledge #shrikrishna-arjunasamvad #krishnaarjunsamvad #arjunsamvad #shrimadbhagwadgeeta #shrikrishnaarjunasamva