Zehan-e-safar
Zehan-e-safar by Shabnam Jamal por Shabnam Jamal
Notas del episodio
इस पहले एपिसोड में मैं आपसे उस वजह के बारे में बात कर रही हूँ, जिसने ज़ेहन-ए-सफ़र को जन्म दिया। ये उन अनकहे सवालों और एहसासों की कहानी है, जो हम दूसरों की बातें सुनते हुए अपने ज़ेहन में महसूस करते हैं, मगर कह नहीं पाते। यह एपिसोड उन लोगों के लिए है जो अक्सर सोच में डूबे रहते हैं, जो हर चेहरे के पीछे की ख़ामोशी समझते हैं, और जो अपने जज़्बातों को अल्फ़ाज़ देना चाहते हैं। ज़ेहन-ए-सफ़र की यह शुरुआत है — ख़ुद से मिलने के एक सच्चे सफ़र की।
Palabras clave
Poetry , safar, zehan-e-safar
Sobre qué lugar trata este episodio
Country