ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 5 श्लोक 4 से 5 - कर्मयोग और संन्यास का अद्वितीय सामंजस्य
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... por Mohit Sharma
T5 · E4
23 nov 2024
19:48
Notas del episodio

"क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।

🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।

🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।

🔸 प्रतिदिन के श्री त्रिनेत्र गणेश जी महाराज, माता रिद्धि, सिद्धि एवं पुत्र शुभ ,लाभ सहित (रणथंभौर दुर्ग,सवाई माधोपुर), श्रीमहाकाल उज्जैन, श्री साँवलिया सेठजी, श्रीनाथजी (नाथद्वारा) के दर्शन

👉श्लोक 4:

'सांख्ययोगौ पृथग्बाला: प्रवदन्ति न पण्डिता:।

एकं अप्यास्थित: सम्यग् उभयो: विन्दते फलम्॥'

अर्थ:

मूर्ख लोग कहते हैं कि सांख्य (ज्ञानम ... 

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