ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 5 श्लोक 1 - कर्मयोग और संन्यास का गूढ़ रहस्य
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... por Mohit Sharma
T5 · E1
20 nov 2024
13:41
Notas del episodio

"क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।

🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।

🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।

👉श्लोक 1 में अर्जुन ने श्रीकृष्ण से पूछा:

'संन्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि। यच्छ्रेय एतयोरेकं तन्मे ब्रूहि सुनिश्चितम्॥'

अर्थ: अर्जुन कहते हैं, हे कृष्ण! आप मुझे कभी कर्मों का संन्यास अपनाने का सुझाव देते हैं और कभी कर्मयोग का। कृपया स्पष्ट करें कि इनमें से कौन सा अधिक श्रेयस्कर है।

यह श्लोक जीवन के उन पहलुओं को उजागर करता है, जहां हम ... 

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