ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 1 - दिव्य ज्ञान की उत्पत्ति और गूढ़ रहस्य

गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... por Mohit Sharma

Notas del episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉आज के श्लोक 1 में श्रीकृष्ण कहते हैं:इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम्।विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत्॥इसका अर्थ है:'मैंने यह अविनाशी योग सबसे पहले सूर्य-देवता विवस्वान को दिया, विवस्वान ने इसे मनु को बताया, और मनु ने इसे इक्ष्वाकु को बताया।'इस श्लोक से हमें यह पता चलता है कि यह ज्ञान सदियों पुराना है और पीढ़ी दर पीढ़ी चलता आ रहा है। श्रीकृष्ण यह बताना चाहते हैं कि यह ... 

 ...  Leer más
Palabras clave
#bhagwadgeeta#shrikrishnaarjunsamvaad#BhagavadGita #SpiritualKnowledge #SelfRealization #shreenathji #jaishrimahakal #sawariyaseth #trinetraganeshji #BhagavadGita #SpiritualKnowledge #shrikrishna-arjunasamvad #krishnaarjunsamvad #arjunsamvad #shrimadbhagwadgeeta #shrikrishnaarjunasamva