ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 42 - इंद्रिय, मन और बुद्धि की शक्ति का रहस्य
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... por Mohit Sharma
T3 · E37
20 oct 2024
18:04
Notas del episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉श्रीकृष्ण श्लोक 42 में कहते हैं:इन्द्रियाणि पराण्याहुरिन्द्रियेभ्यः परं मनः।मनसस्तु परा बुद्धिर्यो बुद्धेः परतस्तु सः॥इसका अर्थ है:'इंद्रियों को श्रेष्ठ कहा जाता है, परंतु मन इंद्रियों से भी श्रेष्ठ है। मन से श्रेष्ठ बुद्धि है, और जो बुद्धि से भी श्रेष्ठ है, वह आत्मा है।'इस श्लोक में श्रीकृष्ण हमें आध्यात्मिक संरचना का गहरा ज्ञान देते हैं। वे यह बताते हैं कि हालांकि हमारी इंद्रियां ... 

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