ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 22 #BhagavadGita #SpiritualKnowledge #GeetaGyan #Motivation #LifeSolutions #ArjunaKrishnaDialogue
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... por Mohit Sharma
T3 · E20
3 oct 2024
10:46
Notas del episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉आज का श्लोक है:न मे पार्थास्ति कर्तव्यं त्रिषु लोकेषु किञ्चन।नानवाप्तमवाप्तव्यं वर्त एव च कर्मणि॥भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि "हे पार्थ! मुझे तीनों लोकों में कुछ भी प्राप्त करना शेष नहीं है, फिर भी मैं कर्म करता हूँ।" इसका गहरा अर्थ यह है कि भगवान होने के बावजूद, वे कर्म करते हैं ताकि दूसरों को सही मार्ग दिखा सकें और समाज में कर्म का महत्व बनाए रख सकें।#श्रीमद्भगवद्गीता, # ... 

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