ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 11 #BhagavadGita #SpiritualKnowledge #GeetaGyan #Motivation #LifeSolutions #ArjunaKrishnaDialogue
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... por Mohit Sharma
T3 · E10
23 sept 2024
16:48
Notas del episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉अब हम अध्याय 3, श्लोक 11 पर चर्चा करेंगे:देवान्भावयतानेन ते देवा भावयन्तु वः।परस्परं भावयन्तः श्रेयः परमवाप्स्यथ॥इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि "यज्ञ द्वारा तुम देवताओं को संतुष्ट करो और देवता तुम्हें संतुष्ट करेंगे। इस परस्पर संबंध से तुम परम कल्याण को प्राप्त करोगे।"यह श्लोक यह दर्शाता है कि मनुष्य और देवताओं के बीच परस्पर सहयोग का संबंध है। यज्ञ के माध्यम से हम देवताओं ... 

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