ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 5 #BhagavadGita #SpiritualKnowledge #GeetaGyan #Motivation #LifeSolutions #ArjunaKrishnaDialogue
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... por Mohit Sharma
T3 · E4
17 sept 2024
15:38
Notas del episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉अब हम अध्याय 3, श्लोक 5 पर ध्यान देंगे:न हि कश्चित्क्षणमपि जातु तिष्ठत्यकर्मकृत् |कार्यते ह्यवशः कर्म सर्वः प्रकृतिजैर्गुणैः ||इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण यह समझा रहे हैं कि कोई भी मनुष्य क्षणभर भी बिना कर्म किए नहीं रह सकता। सारा मनुष्य समाज प्रकृतिजनित गुणों द्वारा परवश हुआ कर्म करने के लिए बाध्य होता है। हमें हमेशा कर्म करना पड़ता है, चाहे हम चाहें या न चाहें।इस श्लोक से यह स्प ... 

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