ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गी...
ईश्वर अर्जुन संवाद श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 58 से 59 #BhagavadGita, #SpiritualKnowledge, #GeetaGyan, #Motivation, #LifeSolutions, #ArjunaKrishnaDialogue
गीता का सार (Geeta Ka Saar) #BhagavadGita #SpiritualKnowledg... por Mohit Sharma
T2 · E36
8 sept 2024
15:15
Notas del episodio

क्या आप जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं? श्रीमद्भगवद्गीता में आपकी सभी समस्याओं का समाधान छुपा है। इस वीडियो में जानिए कैसे भगवद्गीता के अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं। चाहे वो डर हो, लालच, क्रोध, आलस्य, या शांति की तलाश—हर समस्या का उत्तर यहाँ मिलेगा।🔸 समस्याओं के समाधान: कौन से अध्याय और श्लोक आपकी समस्याओं का उत्तर देते हैं? जानने के लिए वीडियो देखें।🔸 उच्चारण की विधि: गीता के श्लोकों का सही उच्चारण कैसे करें? सरल विधि और तकनीक के साथ जानिए।👉 आज के श्लोक 58 में श्रीकृष्ण यह बताते हैं कि जैसे कछुआ अपने अंगों को संकुचित कर लेता है, वैसे ही एक स्थिरबुद्धि व्यक्ति भी अपनी इंद्रियों को विषयों से हटाकर अपने भीतर केंद्रित कर लेता है। श्लोक 59 में उन्होंने यह भी बताया कि इंद्रियों का संयम तभी स्थायी होता है जब व्यक्ति परमात्मा में स्थित होता है।श्रीमद्भगवद्गीता, भगवद्गीता, आध्यात्मिक ज्ञान, जीवन की समस्याओं का समाधान, गीता ज्ञ ... 

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